फालतू संचय

हम घरों के कोने-अँतरों में छोटी-बड़ी तमाम चीजों को बचाकर रखने के आदी हो गए हैं। सोचते हैं कि क्या पता, कभी काम आ जाए, जबकि सोचना चाहिए कि क्या इसके बिना हमारा काम चल सकता है।

2 Comments

  1. अपरिग्रह।

  2. हाँ और उनको उठा कर झट से फेंक देते हैं जिन्हें सीने से लगा के रखना चाहिए – जैसे मां बाप

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