जब हम भारत की बात करते हैं तो व्यापक अर्थों में उसका मतलब होता है वह भारत, जिसका राष्ट्रीय हितों से अलग अपना कोई निजी स्वार्थ नहीं है। न कोई राजनीतिक स्वार्थ और न ही आर्थिक स्वार्थ। इस अर्थ में देशी या विदेशी निजी कंपनियों के हाथों में राष्ट्रीय रणनीतिक व सामरिक महत्व के उद्योग-धंधे और कोयले जैसी भू-संपदा सौंपकर हम भारत को आत्मनिर्भर बनाने का दावा कतई नहीं कर सकते। ऐसा इसलिए कि जहां सरकार काऔरऔर भी

आज नगरों-महानगरों की चौहद्दियों से लेकर राज्यों की सीमाओं और गांवों के ब्लॉक व पाठशालाओं तक लाखों मजदूर अटके पड़े हैं। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल व पंजाब तक से प्रवासी मजदूर अपने गांवों को कूच कर चुके हैं। जो नहीं निकल पाए हैं, वे माकूल मौके व साधन के इंतज़ार में हैं। उन्हें अपने मुलुक या वतन पहुंचने की बेचैनी है। एक बार गांव पहुंच गए तो शायद कोरोना का कहर खत्म होने के बाद भी वापस शहरों काऔरऔर भी

आर्थिक मोर्चे से बुरी खबरों का आना रुक नहीं रहा। औद्योगिक गतिविधियों की रीढ़ माना गया इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र भी अब अपना दुखड़ा रोने लगा है। देश के 262 ताप विद्युत संयंत्रों में 133 संयंत्रों को मांग न होने के कारण बंद करना पड़ा है। इससे पहले परिवहन में इस्तेमाल होनेवाले डीजल और सड़क निर्माण में इस्तेमाल होनेवाले बिटूमेन की मांग घटने की खबर आ चुकी है। इस बीच देश के सबसे बडे बैंक एसबीआई ने अपनी रिसर्चऔरऔर भी

केंद्र सरकार ने कॉरपोरेट क्षेत्र को अब तक का सबसे बड़ा उपहार दिया है, वह भी बजट से बाहर। शुक्रवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश की राजधानी दिल्ली नहीं, बल्कि गोवा की राजधानी पणजी में शुक्रवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में इस तोहफे या प्रोत्साहन उपाय की घोषणा की। इसके तहत कॉरपोरेट क्षेत्र को कुल 1.45 लाख करोड़ रुपए का पैकेज दिया गया है। मकसद साफ है कि अर्थव्यवस्था में छाई निराशा और शेयर बाज़ारऔरऔर भी

सत्रहवीं लोकसभा के चुनाव परिणाम आ चुके हैं। देश में करोड़ों दिलों की रुकी हुई घड़कनें अब चलने लगी हैं और दिमाग काम करने लगा है। इसलिए फेंकने-हांकने या हवाहवाई बातें करने के बजाय उस ठोस कार्यभार को समझने की ज़रूरत है जो देश की नई सरकार के सामने मौजूद है। समय बहुत कम है क्योंकि तीन साल बाद ही 2022 में हम आज़ादी की 75वीं सालगिरह मनाने जा रहे हैं। तीन साल में नया भारत बनाऔरऔर भी

केंद्रीय सूचना व प्रसारण मंत्री एम. वेंकैया नायडू कम नकदी अर्थव्यवस्था की सुविधा और डिजिटल व ऑनलाइन लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए सरकारी अधिकारियों को तैयार करने में जुट गए हैं। नायडू के पास शहरी विकास, आवास व शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय भी है। उन्होंने बुधवार को अपने दोनों मंत्रालयों के अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की यह पहल सहज लेनदेन के माध्यम से देरी कम करने और भ्रष्टाचार तथा कालेधन की समस्याऔरऔर भी

आठ कोर उद्योगों का संयुक्‍त सूचकांक इस बार अक्‍टूबर में 188.1 अंक रहा। यह पिछले अक्‍टूबर में दर्ज किए गए सूचकांक से 6.6% ज्यादा है। वहीं, वर्ष 2016-17 में अप्रैल से अक्‍टूबर के दौरान आठ कोर उद्योगों की संचयी उत्‍पादन वृद्धि दर 4.9% रही। औद्योगिक उत्‍पादन सूचकांक में आठ कोर उद्योगों का भारांक करीब 38% है। नोट करने की बात यह है कि अक्टूबर 2016 में देश में कोयला, कच्चे तेल व प्राकृति गैस का उत्पादन घटा है। वाणिज्य व उद्योग मंत्रालयऔरऔर भी

नई दिल्ली: अब महज पांच मिनट में ट्रेन का अनारक्षित टिकट मोबाइल पर खरीदा जा सकता है। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने बुधवार को एक समारोह में चेन्नई के एग्मोर-ताम्बरम उपनगरीय खंड पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कागज रहित अनारक्षित टिकट के लिए मोबाइल एप्लिकेशन लांच किया। रेल बजट में की गई अपनी घोषणा का जिक्र करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि यात्रियों की खातिर रेलवे ‘ऑपरेशन पांच मिनट’ के प्रति कटिबद्ध है। ‘ऑपरेशन पांच मिनट’औरऔर भी

नई दिल्ली: जाली या नकली जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्ति प्राप्‍त करने की जानकारी केन्‍द्रीय स्‍तर पर नहीं रखी जाती है। यह जानकारी लोकसभा में कार्मिक, जन शिकायत व पेंशन राज्‍य मंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्‍य मंत्री डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने बुधवार को रतन लाल कटारिया के सवाल के लिखित जवाब में दी। हालांकि केन्‍द्र सरकार ने इस संबंध में जानकारी इकट्ठा करने के लिए साल 2010 में एक मुहिम चलाई थी। विभिन्‍न मंत्रालयोंऔरऔर भी

मोदी सरकार ने शपथ लेने के हफ्ते भर में ही ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ के नारे का नमूना दिखाते हुए पिछली यूपीए सरकार द्वारा बनाए गए मंत्रियों के तीस समूह खत्म कर दिए थे। वे समूह विभिन्न मंत्रालयों में आपसी समन्वय के लिए बनाए गए थे। लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा को खुश करने की बात आई तो सरकार ने अमेरिका के त्‍वरित निवेश प्रस्‍तावों और इनके कार्यान्‍वयन से संबंधित मुद्दों का समाधान करने के लिएऔरऔर भी