कई शेयर हैं छलांग की तैयारी में

कल हमने सीएनआई पर आपको दिखाया कि कैसे निफ्टी 5250 से लुढ़क कर 4650 तक आया और फिर हर तरफ यही दहशत फैलाई जाने लगी कि अब यह गिरकर 3800 तक पहुंच जाएगा। इसके बावजूद हम यही कहते रहे कि बाजार ऊपर उठेगा। इस दरमियान हमने पांच-सात बार निफ्टी में ट्रेडिंग के जरिए आपको मुनाफा कमाने का मौका दिया। आज भी हमने साबित कर दिया कि चंद ब्रोकर कैसे आपको उल्लू बनाते हैं। उन्होंने आइडिया और भारती को प्रति सेकंड बिलिंग के आधार पर डाउनग्रेड कर दिया। शेयर 70 से गोता लगाकर 46 पर आ गया। लेकिन हम भारती व आइडिया के अपने बुनियादी मूल्यांकन पर कायम रहे। हम आज आइडिया से करीब 68 रुपए पर बाहर निकले जो अपने निचले स्तर से तकरीबन 30 फीसदी अधिक है। इससे हमने एक बार फिर साबित कर दिया कि स्टॉप लॉस का तरीका मूर्ख अपनाते हैं। वैसे हम खुद भी हरेक स्टॉक में स्टॉप लॉस का स्तर बताते हैं।

यकीनन जो लोग अपने नुकसान को सीमित रखना चाहते हैं, उन्हें ज्यादातर कारोबारियों की तरह कड़ाई से स्टॉप लॉस का तरीका अपनाना चाहिए। लेकिन असली खिलाड़ियों के लिए तो यह इकलौता तरीका है जिससे वे बाजार से पैसे बना सकते हैं। बाजार में मुनाफा कमाने के सभी अच्छे मौकों का इस्तेमाल करना चाहिए और जहां आप फंस गए हों, वहां कुछ समय के लिए रुक जाना चाहिए क्योंकि कभी न कभी हर स्टॉक में चाल आएगी। इसके लिए प्रेरक चार्ट नहीं, कंपनी के फंडामेंटल बनते हैं। ये फंडामेंटल काम कैसे करते हैं?

हमें पता है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज ग्रुप एकदम अनजान कंपनी जायसवाल नेको के 1.42 करोड़ शेयर बाजार से खरीदेगा। केवल सीएनआई रिसर्च (रिपोर्ट 10,000 रुपए में उपलब्ध) ने ही इसे तब चिह्नित किया था जब इसका शेयर 33.80 रुपए पर था। आज यह 37 रुपए पर बंद हुआ है और आप सभी जानते हैं कि आगे यह कहां तक जाएगा। हमें आपको बताने की जरूरत नहीं है, बल्कि हमने तो इस स्टॉक की अगली मार्केटिंग ही बंद कर दी है। हमारा काम हो चुका है। ऐसा आप आईएमएफए में भी देख चुके हैं। जल्दी ही सैंडुर और आईएनएए भी चार अंकों में पहुंचनेवाले हैं। पैसा बनाने का यही तरीका है कि जब बाजार को नहीं पता हो तब आप खरीद लें। इसके बाद बस इतना बेचें कि आप की लागत निकल आए और फिर बाकी शेयरों पर जिंदगी भर मौज करें। केवल कुछ लोग ही रिसर्च की कीमत समझते हैं क्योंकि बाकी तो ट्रेडर हैं, धंधेबाज हैं, इसलिए उन पर कोई फर्क नहीं प़ड़ता। उनके लिए यह कहना बहुत आसान होता है कि आपके खरीदे गए शेयर उठ नहीं रहे हैं।

यह कोई अलग-थलग मामला नहीं है। वीआईपी, सीसीएल, सीमेक, सैंडुर और तमाम ऐसे स्टॉक हैं जहां बडे खिलाड़ी तब पहुंचे जब सीएनआई इनकी पहचान कर चुकी थी। काफी जल्द ही आप सीएनआई रिसर्च की तरफ से चिह्नित किए गए कई दूसरे शेयरों में इस तरह की सक्रियता देख सकते हैं।

खैर, आज बाजार 5280 की तरफ बढ़ा जैसा कि सीएनआई ने बताया था और बंद हुआ 5260 अंक पर। इस बीच स्टैंडर्ड एंड पुअर्स ने भारत की रेटिंग स्टैबल कर दी। वित्त मंत्री कल रिजर्व बैंक से मिल रहे हैं। लेकिन यह बैठक खाद्य पदार्थों की मुद्रास्फीति में थोड़ी कमी आने के बाद हो रही है। संकेत तो यही है कि इस बैठक में ब्याज दरों को बढ़ाने पर बात नहीं होगी। उधर, अमेरिकी बाजार मजबूती पकड़ रहा है और धीरे-धीरे 11,000 की तरफ बढ़ रहा है।

जेटीआई ने आज घोषणा कि भारत में उनकी दिलचस्पी बढ़ रही है क्योंकि जापान सरकार ने सिगरेट पर टैक्स बढ़ा दिया है जिसके चलते जापान में उसकी बिक्री 20 फीसदी घट सकती है। भारत की आबादी एक प्रमुख आकर्षण है और इसलिए वे यहां अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहते हैं। उन्होंने आरडीबी के सिगरेट व्यवसाय को काफी ठोंक बजाकर देख लिया है और इसलिए जल्दी ही कोई करार होने जाने की संभावना है। पीएमआई की मौजूदगी भारत में पहले से हैं। हालांकि बाजार का बड़ा हिस्सा (85 से 87 फीसदी) अभी भी बीएटी के पास है। जिस तरह इस समय कोई नए लाइसेंस नहीं दिए जा रहे हैं, उसे देखते हुए आरडीबी के लाइसेंस की कीमत काफी आकर्षक होगी।

आरडीबी की क्षमता 200 करोड़ सिगरेट बनाने की है जो किसी भी कंपनी के लिए मायने रखती है। जहां तक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का मसला है तो इसके नियमों से बचते हुए सौदा करने का कई तरीके हैं। ऐसा सौदा कब होगा, कोई नहीं जानता। इसलिए इसमें दीर्घकालिक निवेशकों को ही हाथ डालना चाहिए।

हमने इंडिया सीमेंट में 109 रुपए पर खरीद की पहली कॉल दी थी, फिर 127 रुपए पर दी और अब मोटा आकलन यह है कि यह शेयर 162 रुपए तक जाएगा। वैसे, बाजार में किसी स्टॉक के भाव तब तक नहीं चलते जब उसकी उपलब्धता या सप्लाई घट नहीं जाती। चौथी तिमाही में इंडिया सीमेंट के नतीजे शानदार रहनेवाले हैं क्योंकि उसने इस दौरान सीमेंट के दाम बढाए हैं। दूसरे, आईपीएल में इसके निवेश की कीमत बढ़ गई है।

यह तो आधाकारिक तौर पर सामने आ चुका है कि आईपीएल की दो नए टीमों के लिए आरक्षित मूल्य 22.50 करोड़ डॉलर है। इनमें मूल निवेश 4 करोड़ डॉलर के आसपास रहा है। कुछ सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि आईपीएल की नई टीमों का मूल्य 50 करोड़ डॉलर हो सकता है क्योंकि आईपीएल-3 में कमाई का स्तर काफी ज्यादा है। टिकटों की बिक्री से लेकर विज्ञापन धड़ल्ले से आ रहे हैं जिससे इन टीमों की कीमत बढेगी। ऊपर से इनके साथ जुड़ा बॉलीवुड का ग्लैमर सोने में सुहागे का काम कर रहा है।

अगर आईपीएल की टीम का मूल्यांकन 50 करोड़ डॉलर किया जाए तो इंडिया सीमेंट की सही बिजनेस वैल्यू में कम से कम 100 रुपए का इजाफा हो जाएगा। अभी इसकी बिजनेस वैल्यू 120 रुपए और बाजार भाव 127 रुपए है यानी महज सात रुपए का अंतर। इधर सीमेंट कंपनियों के शेयरों में एफआईआई की मांग भी बढ़ रही है।

इंडिया सीमेंट ने अपनी क्षमता में 40 लाख टन की वृद्धि के लिए क्यूआईपी (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट) लाने की घोषणा की है। मुझे लगता है कि इसमें 150 रुपए के आसपास का मूल्य रखना उचित होगा। इंडिया सीमेंट कल और सोमवार को अचानक तेजी की राह पकड़ सकती है। कई बड़े खिलाड़ियों ने इसमें खरीदने की मंशा बना रखी है। निफ्टी फिलहाल 5300 अंकों तक पहुंचने तक सीमित दायरे में डोलता रहेगा। असली धमाका तो नए सेटलमेंट में ही होगा।

आप आसमान से कोई चीज टपकने का इंतजार नहीं कर सकते। असवर का फायदा वही लोग उठा पाते हैं जो बराबर चौकन्ने रहते हैं।

(चमत्कार चक्री एक काल्पनिक नाम है। वह बाजार की रग-रग से वाकिफ है लेकिन फालतू के वैधानिक लफड़ों में नहीं उलझना चाहता। अंदर की बात बताना और सलाह देना उसका काम है। लेकिन निवेश का निर्णय पूरी तरह आपका होगा और चक्री किसी भी सूरत में इसके लिए जिम्मेदार नहीं होगा। यह कॉलम मूलत: सीएनआई रिसर्च से लिया जा रहा है)

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